प्रोडक्ट वीडियो विज्ञापन कैसे बनाएँ
जो आप बेचते हैं उसकी वर्टिकल क्लिप पाने के चार तरीक़े - और हर एक की असली लागत।
किसी दुकान को अपने प्रोडक्ट का छोटा वीडियो विज्ञापन पाने के चार आम तरीक़े हैं: स्टूडियो शूट बुक करना, फ़्रीलांस वीडियोग्राफ़र रखना, फ़ोन से ख़ुद शूट करना, या मौजूदा प्रोडक्ट फ़ोटो के चारों ओर सीन बनवाना। इनमें मुख्य अंतर यह है कि प्रति वस्तु आप कितना चुकाते हैं और नया प्रोडक्ट कितनी जल्दी पोस्ट हो सकता है। नीचे की तुलना विक्रेता के नज़रिए से लिखी है: प्रति वस्तु लागत, समय, और हर तरीक़ा किस तरह के कैटलॉग के लिए ठीक है।
| तरीक़ा | लागत | समय | किसके लिए ठीक |
|---|---|---|---|
| स्टूडियो शूट बुक करना | दिन का शुल्क, साथ में स्टूडियो किराया, लाइटिंग और अक्सर मॉडल - भुगतान सत्र के हिसाब से, वस्तु के हिसाब से नहीं। | बुकिंग से तैयार एडिट तक कुछ दिन से कुछ हफ़्ते। | बड़ी कैंपेन और कुछ चुनिंदा फ़्लैगशिप प्रोडक्ट, जहाँ बजट पहले से तय है। |
| फ़्रीलांस वीडियोग्राफ़र रखना | प्रति प्रोजेक्ट शुल्क; पूरे स्टूडियो दिन से सस्ता, पर फिर भी शूट के हिसाब से। | कुछ दिन, साथ में एक रिवीज़न दौर। | एक साथ शूट किया जाने वाला मौसमी बैच, जब आप रुक सकें और प्रोडक्ट जुटा सकें। |
| फ़ोन से ख़ुद शूट करना | अपने समय के अलावा मुफ़्त, साथ में जो प्रॉप्स और लाइट आप ख़रीदें। | तरीक़ा समझ आने के बाद प्रति प्रोडक्ट एक-दो घंटे। | जिन विक्रेताओं के पास समय, अच्छी खिड़की की रोशनी और दोबारा शूट करने का धैर्य है। |
| सीन बनवाना (Reelvitrin) | 19 से 199 डॉलर प्रति माह की सदस्यता, कर भुगतान के समय गणना होता है; एक सामान्य क्लिप एक वीडियो यूनिट लेती है। | प्रति क्लिप कुछ मिनट। | छोटे उत्पादों का बड़ा कैटलॉग जिनकी एक बार फ़ोटो पहले ही हो चुकी है - गहने, घड़ियाँ, चश्मे, कॉस्मेटिक्स, एक्सेसरी। |
व्यवहार में बँटवारा प्रति शूट भुगतान और प्रति माह भुगतान के बीच है। जब कैंपेन कुछ ही प्रोडक्ट पर टिकी हो तो स्टूडियो या फ़्रीलांसर सही रहते हैं। जब कैटलॉग लंबा हो और हर वस्तु की एक बार फ़ोटो वैसे भी हो चुकी हो, तब हर वस्तु पोस्ट करना किफ़ायती बनाता है सीन बनवाना - लागत प्रोडक्ट की संख्या के साथ बढ़ना बंद कर देती है।
क्या बनाया गया वीडियो स्टूडियो शूट जितना अच्छा है?
किसी बड़ी कैंपेन के लिए असली शूट अब भी आगे है: निर्देशक ठीक वही फ़्रेम रच सकता है जो आपने सोचा। कैटलॉग की मात्रा पर हिसाब बदल जाता है, क्योंकि स्टूडियो सौ क्लिप उस दाम पर नहीं बना सकता जो छोटी दुकान चुका सके।
क्या बनाए गए वीडियो में प्रोडक्ट नक़ली लगता है?
प्रोडक्ट ख़ुद नहीं बनाया जाता - सिर्फ़ उसके आसपास का सीन। वस्तु आपकी फ़ोटो का आकार, रंग और बारीकी बनाए रखती है, इसलिए देखने वाला वही चीज़ देखता है जो आप असल में भेजते हैं।
शुरू करने से पहले क्या चाहिए?
प्रति प्रोडक्ट एक फ़ोटो, जिसमें वस्तु फ़ोकस में हो और पीछे सादा बैकग्राउंड हो। फ़ोन की तस्वीर काफ़ी है।
क्या तरीक़े मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं?
ज़्यादातर दुकानें यही करती हैं। मौसम के ख़ास टुकड़ों के लिए असली शूट, बाक़ी कैटलॉग के लिए बनाए गए सीन - इससे फ़्लैगशिप लुक भी बना रहता है और फ़ीड हर हफ़्ते भरती रहती है।
अपने ही किसी प्रोडक्ट पर आज़माइए
एक फ़ोटो अपलोड करें और प्लान चुनने से पहले तैयार क्लिप देखें।
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